Story
Bejing had to face its own consequences.






"Manipur CM N Biren submitted his resignation letter to governor A K Bhalla on Sunday at Raj Bhavan in Imphal. He said in a letter that "it has been an honor to serve the people of Manipur thus far. I am extremely grateful to the central government for timely actions, interventions, development works, and implementation of various projects for safeguarding the interest of every single Manipuri"."My sincere request to the central government through your good office is to continue with the same. I take the opportunity to enumerate the most important ones of them to make the territorial integrity of Manipur, which has a rich, diverse civilization history over thousands of years," the letter added.Governor AK Bhalla accepted Biren's resignation and asked him to continue "till alternative arrangements.".Biren decided to give his resignation after meeting Home Minister Amit Shah in Delhi on Sunday. BJP chief JP Nadda was also present there and returned to Imphal along with Sambit Patra.Biren also added that after May 3, 2023, the condition of Manipur is not so good and continues with unconditional issues in the state; more than 250 people have been killed and thousands rendered homeless since ethnic violence and the transfer of the responsibility of the violence over to Myanmar. He also requested the center to "crack down on cross-border infiltration and formulate a policy for deporting illegal immigrants.



भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली विधानसभा 2025 के चुनाव में दिल्ली के 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और पूर्व सत्ता धारी आम आदमी पार्टी 22 सीटों पर सिमट गई है, वही तीसरी पार्टी कांग्रेस 0 के आंकड़े को भी पर नहीं कर पाई, यह 27 साल बाद हुआ है की भारतीय जनता पार्टी राजधानी दिल्ली में बिना किसी गड़बंधन के वापसी कर गई है। इस चुनाव में ऐसे बदलाव के आसार शायद ही आम आदमी पार्ट या अन्य को रही होगी। दिल्ली के दिग्गज आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरे जैसे अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती और अवध ओझा को हार का सामना करना पड़ा है, वहीं पूर्व डिप्टी सीएम आतिशी ने अपनी कालकाजी सीट को सिर्फ 500-600 सीटों के आंकड़े से बचा लिया। भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा जैसे बड़े चेहरे ने जीत हासिल की है और दिल्ली के जनता को एकमत करके कमल खिलाया है। दिल्ली की राजनीति में, प्रवेश वर्मा एक बड़ा चेहरा प्रवेश वर्मा की बात करे, तो वे 1993 में दिल्ली के सीएम रहे साहेब सिंह वर्मा के बेटे है। लगातार वो आलाकमान के करीब और पार्टी का काम करते आए है, हालांकि पिछले लोकसभा में इनकी टिकट काटी गई थी। लेकिन इन्होंने इसका विरोध भी किया और पार्टी निर्देश समझकर पार्टी निर्देश को सम्मान दिया, वही अभी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े चेहरे के रूप में वो अब दिल्ली की जनता के बीच में है, और जनता की माने तो मुख्यमंत्री के सीट के सबसे करीब। एक नजर इतिहास पर 2013 में पहली बार आम आदमी पार्टी चुनाव में खड़ी हुई लेकिन बहुमत से पीछे सिर्फ 28 सीटों पर थी लेकिन कांग्रेस के 8 सीटों के बदौलत 36 के बहुमत को पाकर दिल्ली की सत्ता में अपना पहला जीत हासिल की, लेकिन 49 दिन के अंदर ही अरविंद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि हम लोकपाल बिल।नहीं ला पाए है जिसके कारण से इस्तीफा देना पड़ा, और ये मेरी खुद की मर्जी है। 2 महीने बाद ही फिर दिल्ली के राजनीति गरमाई और विधानसभा चुनाव फिर से कराए गए जिसमें आम आदमी पार्टी को 67 सीटों से भरी बहुत मिले और भाजपा सिर्फ 3 सीटों पर सिमट गई। ऐसे ही 2019 में आम आदमी पार्टी को दोबारा 62 सीट मिले और भाजपा 8 के आंकड़े में ही थम गई। हार की वजह देखा जाए तो हार के कई वजह सामने आए है जैसे 1. क्रिमिनल चार्जेस - आम आदमी के बड़े नेता जैसे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पर शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे चार्जेस लगे और आरोप सिद्ध भी हुए, जिसके कारण से दिल्ली की जनता समझने लगी कि उन्होंने जिसको चुना है वो भी भ्रष्टाचार में लिप्त है। 2. MCD का काम न करना - दिल्ली घनी आबादी वाला क्षेत्र है और नेशनल कैपिटल भी है जिसके कारण से स्लम एरिया भी ज्यादा है, और 2014 के बाद आम आदमी पर कई सवाल उठते आए है जैसे साफ सफाई का न होना, गलियों में पानी भरना, कचरा न उठना और वाटर सप्लाई होने वाले पानी पाइप और नली का पाइप एक जगह होना, ये सब सवाल उठते और है जिसमें केजरीवाल की अपना हाथ खड़ा कर सारा आरोप बीजेपी पर या केंद्र पर लगा देती थी और यह कहते देती थी कि दिल्ली MCD हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन 2022 में MCD के चुनाव में 134 सीटों के साथ आम आदमी पार्टी ने यह चुनाव जीत लिया लेकिन शिकायतें जारी रही जिसका जवाब केजरीवाल जी के पास नहीं थी। जिसके कारण से जनाक्रोश बढ़ा और लोगों ने इस बार भाजपा को वोट किया। 3. फ्रीबीस का वादा - चुनाव के पहले AAP के मैनिफेस्टो में कई बड़े वादे थे, जैसे महिलाओं को 2100, महिला सुरक्षा और यमुना नदी साफ करना जो कि कही न कही दिल्ली के जनता को उनपर भरोसा नहीं था, क्योंकि पंजाब में।भी केजरीवाल जी ने ऐसे ही वादे किए थे, जो आज तक पूरे नहीं हुए। ऐसे कई कारण है जिसके कारण से आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है।



After the oath of Donald Trump, he followed the "America first" policy that indicated the preference of American people in the state and to stop the globalization of the others for the welfare of the US.Trump believes that under America's leadership, the world has gotten itself the global institutions for trade, governance, security, service, and especially social action that have fallen way short of their aims and benefits other countries at America's cost.Even he took strict action against the International Criminal Court for an investigation targeting and sanctioning the people of the US and working as US allies. As an example, Israeli president Benjamin Netanyahu is wanted by the ICC over the war in Gaza .On Sunday, President Donald Trump had declared that "South Africa is confiscating land", treating "certain classes of people VERY BADLY", and that he would cut "all future funding" until the matter had been investigated.Trump's close aide Elon Musk has repeatedly claimed without evidence that South Africa, the country of his birth, follows an anti-white policy. Therefore, India is concerned about this issue because the G20 was previously organized by India and shows their policy regarding the world, and the G20 could be the best group among the world that works together, whereas the United Nations has 193 members to resolve any issues.



डोनाल्ड ट्रंप जब से अमेरिका के दूसरी बार राष्ट्रपति बने हैं, उसके बाद से ही उन्होंने ऐसे कई कड़े फैसले लिए हैं जो दुनिया को चौंका देने वाले हैं, उनमें से एक यह है कि उन्होंने अब यूएसएड यानी यूनाइटेड स्टेट फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट को अब बैन कर दिया है। यह अमेरिका से ऑर्गनाइज होने वाली संस्थान है जो अमेरिका सहित पूरे विश्व में डेवलेपमेंट और शांति स्थापित करने का दावा करता है, साथ ही कई NGO और संस्थानों को फंडिंग भी करता रहा, साथ ही डेवलपमेंट की बात कर, लोगो को संगठित करने का काम भी करती थी, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप ने इस संस्था को बंद कर दिए है और कई मीडिया रिपोर्ट की माने तो यह संस्थान दुनिया में अस्थिरता और देश विरुद्ध कामों को बढ़ावा देती रही है। प्रशासन का कहना है कि यह संगठन कई देशों की सरकार गिरने और अस्थिरता को फैलाने में अहम भूमिका निभा रहा था। 2014 में, एसोसिएटेड प्रेस ने खुलासा किया कि यूएसएआईडी ने क्यूबा में विद्रोह भड़काने के उद्देश्य से ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए धन दिया था।और साथ ही यह आरोप है कि USAID को हैती, यूक्रेन और ईजिप्ट के तख्तापलट से जोड़ा गया है। एलन मस्क ने तो इस संस्थान को क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन कह दिया है।देशों पर USAID का प्रभावभारत में यह संस्थान कई वर्षों से काम करते आ रहा है और भारत के कई NGO's को फंड भी करते आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो देश में एल जी बी टी क्यू और फेमिनिज्म जैसे मामलों को बढ़ावा देना और प्रदर्शन करने में मदद करते आ रहा है। साथ ही, NGO द्वारा धर्म परिवर्तन के मामले भी सामने आए हैं।वर्तमान में बांग्लादेश को फंड कर मोहम्मद युनुस की सरकार गिराने की साजिश भी करने का आरोप इस संस्थान पर लगा है और अफगानिस्तान को भी अफीम की खेती को बढ़ावा देना जिससे "नार्को टेरेरिज्म" को बढ़ावा मिल सके इसलिए अब USAID को बैन कर दिया गया है।



India won the series of T20 matches against England. It was the 5 series of matches where India beat England 4-1. At Wankhede, the youngest player, Abhishek Sharma, played a drastic inning of 135 only in 54 balls. He breaks many records as well, like the 3rd fastest 100 in a match after Suresh Raina's 100 in 35 balls, and contributes to the new record for the fastest 100 in a T20 match as well as the highest score of 95 in Power play . Abhishek Sharma played well in the match, standing unbeatable against the bowler and smashing 13 sixes and 7 fours in his innings. Amid all, India put 247 on the scoreboard and beat England by 150 runs. In response, England collapsed dramatically, being all out at 97 in 10.3 overs, the second largest defeat by run in T20 history after New Zealand in 2023. Mohammad Shami took 3 wickets while Abhishek Sharma, Shivam Dubey, and Varun Chakravarthy individually took 2 wickets. While Philip salt's 55 runs were notable in the match, he couldn't succeed in chasing the game.



जब से इसराईल और ईरान के बीच मे लड़ाई गहरी हुए हैं तब से विश्व राजनीति संकट मे आ रही है और अब ईरान अमेरिका को खुलेआम चेतावनी भी दी है कि USA ईन सब से दूर रहे दरअसल, 6 महीनों से दोनों देशों के बीच जंग छिड़ी हुए है और जिसके कारण से अब इसराईल के उत्तरी क्षेत्र में सैनिक तैनात करनी पड़ेगी क्योंकि israil ने Damascus पर हमला किया था, जहा ईरान की embassy मे 2 मुख्य जनरल मारे गए जिसका बदला अब ईरान लेने को तैयार है | दोनों देशों के बीच लड़ाई क्यों 1979 ईरान क्रांति के पहले ईरान एक राजवंश था और अपने देश को आजाद करने के बाद वो मुस्लिम देश के साथ जुड़ने की बात कही इसीलिए उनका संपर्क Lebanon से हुए और Palestine के हमास से भी जुड़ गया | उसी समय उनके लीडर खोमैनी ने कहा कि हम इस्लाम को फैलाएगे और जो भी अभिमानी देश है जैसे अमेरिका और ईसराईल उसको हम सबक सिखायेंगे| America को चेतावनी क्यों दोनों देशों के लड़ाई के बीच अमेरिका की एंट्री हो चूकी है, और अमेरिका ने कहा कि हमारी टीम israil के साथ रहेगी. जिसके जवाब मे ईरान ने अमेरिका को आगाह करते हुए ईन सब चीजों से दूर रहने की नसीहत दी और बोला अगर आप बीच मे आते हैं तो आप Netanyahu के जाल में फंस जायेंगे | इसराईल का बयान इसराईल ने कहा कि ईरान के पास युद्ध के लिए गोला बारूद कम है, अगर युद्ध के दौरान सभी missile खत्म होते हैं तो ईरान परमाणु का उपयोग कर सकता है, जो विश्व के लिए चिंता का विषय है |



UNSC(United Nation Security council) में अब हो सकते है बदलाव, कई देशों की मांग है कीं उनकी भी सदस्यता को मंजूरी दी जाए | दरअसल, जब से यूक्रेन - रूस, गाजा पट्टी, इजराइल - हमास का युद्ध का आगाज हुआ है तब से UNSC पर कई सवाल उठ रहे हैं , जिसका जवाब UNSC के स्थाई सदस्य China, france, Russia federation, the United Kingdom and United States के पास नहीं है. इसीलिए पूरे विश्व मे कहीं न कहीं इसकी सदस्यता और गतिविधि पर सवाल उठ रहे हैं | इसी विषय पर सवाल पूछे जाने पर भारत के विदेश मंत्री. एस जयशंकर ने कहा कि भारत को बहुत जल्द स्थाई सदस्यता मिल सकती है लेकिन अभी काफी मेहनत लगेगा. जिसकी वज़ह ये है कि इसके स्थाई सदस्य Chaina, Russia federation, France, united kingdom and United States की मंजूरी लगेगी | सदस्यता क्यों जरूरी जब से यूक्रेन - रूस युद्ध. गाजा पट्टी, इसराईल, फ़िलिस्तीन युद्ध चालू हुआ है, तभी से UNSC पर ढेरों सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह वैश्विक शांति रखने का प्रयास नहीं कर रही है, जिसकी वज़ह कहीं न कहीं वैश्विक राजनीतिकरण और आपसी देशों का फायदा दिखता है. लेकिन वहीं भारत युद्ध को शांत करने मे, और दक्षिण के देशों मे आपसी सुलझ - समझौते करा रही है और पूरे विश्व मे एक शांतिदूत का फर्ज अदा कर रहा है, जिसके लिए सदस्यता कई मायने मे भारत को ज्यादा प्रभावशील बनाएंगी | वर्तमान मे कितने सदस्य UNSC को बने लगभग 80 साल हो चुके है लेकिन अभी भी उसके सिर्फ 5 स्थाई सदस्य और 50 अस्थाई सदस्य है जो बढ़कर अब 193 हो चुके है | लेकिन अब भारत के साथ साथ कई देश चाहते है कि सदस्यता बढ़ाई जाए भारत की मांग UNSC 2.0 एस जयशंकर ने कहा कि भारत यह चाहता है कि UNSC मे बदलाव हो 6 स्थाई और 5 अस्थाई सदस्यता बढ़ाई जाए जिससे अफ़्रीका जैसे बड़े देशों को बराबरी का मौका मिले | भारत दुनिया का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है जिससे हमे भी प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले. सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि 21 वी सदी मे बदलाव की जरूरत है जहा security, creditability, capability और global peace बनी रहे |

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